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शनिवार, 25 जुलाई 2026

तर्पण

                   तर्पण


                 ©️ मनोज कुमार साहु 

​जो वतन के वास्ते अपनी जाँ न्यौछावर कर गए,

हँसते-हँसते मातृभूमि की मिट्टी में मिल गए।

​वे अमर बलिदानी इतिहास नया लिख गए,

अंधियारे पथ पर अपने प्राणों का दीप जला गए।

​उन अमर शहीदों को करता हूँ कोटि नमन,

जिनके शहादत से आजाद हुआ यह पावन चमन।

​मैं तो लाचार और अकिंचन सा एक इंसान हूँ,

शब्दों से उनके चरणों में 'तर्पण' अर्पित करता हूँ।

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तर्पण

                   तर्पण                  ©️  मनोज कुमार साहु  ​जो वतन के वास्ते अपनी जाँ न्यौछावर कर गए, हँसते-हँसते मातृभूमि...