यूँ ना मुस्कुरा बेवफा
आशिक की कब्र को देख कर
कहीं दफ़न होना ना पड़े कभी
लाश तेरी आशिक की कब्र पर
इतना मत इतरा जाना
दर्द होता है
इक तू ही तो है जिसके लिए
ये दिल धड़कता है ❤️
©️ मनोज कुमार
जाजपुर: इतिहास एवं संस्कृति © मनोजकुमार साहू यह दास्तान कोरी कल्पना नहीं, बल्कि किस्सागोई ढंग से रचित दस्तावेज है। ज...
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