Total pageviews

Home

शुक्रवार, 14 अक्टूबर 2022

ये नरगिस तुम मर गई ©️ मनोजकुमार साहु

ये नरगिस तुम मर गई
क्या यह सच है
शायद नहीं
तो कहाँ हो तुम
किसे पूछूँ
कहाँ रोऊं बिलख कर
जा रहा हूँ मुमताज महल
शायद उसमें तुम देखो
दिल के जख्मों पर
आँसुओं के मरहमों से
कुछ राहत मिले
या तुम मिलो‌।
संगमरमर की नूर में
जल रहा हूँ
ये नरगिस तुम मर गई
कब्र के पास जगह दे दो मुझे

कोई टिप्पणी नहीं:

तर्पण

                   तर्पण                  ©️  मनोज कुमार साहु  ​जो वतन के वास्ते अपनी जाँ न्यौछावर कर गए, हँसते-हँसते मातृभूमि...