तो अच्छा इंसान हो नहीं सकता
क्योंकि उस में
कई खामियां हैं।
वो करता हो गुस्सा तो
मुंह में हंसी का ढोंग करना सीखे
सब ढोंगी को सराहते हैं।
कोई अगर हो लंपट
कोई अगर हो चोर
कोई अगर हो चरित्रहीन
तो उसे ढोंग की परदादारी
करना पड़ता है
©️ मनोजकुमार साहु
जाजपुर: इतिहास एवं संस्कृति © मनोजकुमार साहू यह दास्तान कोरी कल्पना नहीं, बल्कि किस्सागोई ढंग से रचित दस्तावेज है। ज...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें