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शुक्रवार, 8 मार्च 2019

शायरी मनोज कुमार साहु की



        शायर : मनोज कुमार साहु


  ( ज़हर )


 ज़हर वह नहीं है
 जिसे पीकर खुदकुशी की जाती है
 बेशक ज़हर वह है
 जिससे दिल मर जाता है


 ( आईना )


 सुना है आईना कभी झूठ नहीं बोलता
 लाख शुक्रिया खुदा की
 क्योंकि आँखों की पुतलियों में
 खुदा तूने आईना दे दिया

  ( होंठ )


  होंठ इतने खूबसूरत क्यों हैं पता है ?
  माशूक़ को रिझाने के लिए ?
  हरगिज़ नहीं
  मीठे लब्ज बोलने के लिए ।






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